शुक्रवार, 13 मई 2016

भारत के राष्ट्रपति(Presidents Of India) details

             भारत के राष्ट्रपति-
भारत का राष्ट्रपति देश का सबसे सर्वोच्च पद और तीनों भारतीय सेनाओं का प्रमुख होता है तथा भारत के प्रथम नागरिक जाना जाता है। भारत के प्रथम नागरिक को हिन्दी में राष्ट्रपति और संस्कृत में राज्य का भगवान कहते है। संसद और राज्य के विधानमंडल के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा देश के राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है।  नीचे भारत के सभी राष्ट्रपतियों की सूची उनके महत्वपूर्ण विवरण के साथ दी गयी है  -

1. डाँ राजेन्द्र प्रसाद
कार्यकाल 26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962  तक। डाँ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति  तथा सर्वाधिक समय 12 वर्ष तक भारत के राष्ट्रपति रहे। डाँ राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे। 1962 में इन्हें भारत रत्न दिया गया था।
2. डाँ सर्वपल्ली राधाकृष्णन
कार्यकाल 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक । डाँ राधाकृष्णन भारत के पहले उप- राष्ट्रपति थे जो बाद भारत के राष्ट्रपति बने। डाँ राधाकृष्णन को 1954 में भारत रत्न दिया गया था।
3. डाँ जाकिर हुसैन
कार्यकाल 13 मई 1967 से  3 मई 1969 तक। डाँ जाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे । इनकी मृत्यु पद पर रहते हुए हुई थी । इनकी मृत्यु के बाद तात्कालिक उपराष्ट्रपति वी. वी गिरि को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था । वी वी. गिरी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनने से राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति पद खाली होने पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद हिदायतुल्लाह 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक कार्यवाहक राष्ट्रपति बने।
4. वी वी गिरि
कार्यकाल 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक। वी. वी. गिरी के निर्वाचन के समय दूसरे चक्र की मतगणना करनी पड़ी थी। इन्होंने कांग्रेस का समर्थन प्राप्त होते हुए भी निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में जीते थे। वी. वी. गिरी भारत के पहले कार्यवाहक राष्ट्रपति रहे थे। इन्हें 1975 में भारत रत्न दिया गया था।
5. फखरुद्दीन अली अहमद
कार्यकाल 24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977 तक। भारत के पाँचवें राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद थे। वे दूसरे राष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु पद में रहते हुए हुई। इनकी मृत्यु के पश्चात् बी. डी. जत्ती को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया।
6. नीलम संजीव रेड्डी
कार्यकाल 25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982 तक। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे नीलम संजीव रेड्डी भारत के छठे राष्ट्रपति बने। यह एक बार चुनाव हारने के बाद भारत के एकमात्र निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए।
7. ज्ञानी जैल सिंह
कार्यकाल 25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987 तक। भारत के पहले सिक्ख राष्ट्रपति। राष्ट्रपति बनने के पहले पंजाब के मुख्यमंत्री तथा केंद्र में मंत्री रहे थे। भारतीय डाक घर संबंधी विधेयक पर पाकेट वीटो का प्रयोग करने वाले राष्ट्रपति।
8. आर. वेंकटरमण
कार्यकाल 25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 तक। आर. वेंकटरमण ने सर्वाधिक प्रधानमंत्री को उनकी पद की शपथ दिलाई थी। वे 1984-87 में उपराष्ट्रपति भी रहे।
9. डाँ शंकर दयाल शर्मा
कार्यकाल 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक । डाँ शंकर दयाल शर्मा भारत के नौवें राष्ट्रपति थे।
10. के. आर. नारायणन
कार्यकाल 25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002 तक। के. आर नारायण भारत के पहले दलित राष्ट्रपति थे। वे लोकसभा चुनाव मतदान करने वाले तथा राज्य की विधानसभा को सम्बोधित करने वाले पहले राष्ट्रपति थे।
11. डाँ  ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
कार्यकाल 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक। डाँ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति बनने वाले पहले वैज्ञानिक थे। वह सर्वाधिक मतों से जीतने वाले पहले राष्ट्रपति हैं। इनके विपक्षी उम्मीदवार कैप्टन लक्ष्मी सहगल थे। डाँ कलाम भारत के मिसाईल मेन के नाम से जाने जाते हैं,इनके निर्देशन में रोहिणी -1 उपग्रह तथा अग्नि एवं पृथ्वी मिसाइलो का सफल प्रक्षेपण किया गया था। भारत के 1974 एवं 1998 के परमाणु परीक्षण में डाँ कलाम का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। 1997 में इन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। डाँ कलाम देश विदेश के बहुत से पुरस्कारों से सम्मानित हैं।
12. श्रीमती प्रतिभा सिंह पाटिल
कार्यकाल 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक। श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति हैं । राष्ट्रपति बनने से पूर्व वह राजस्थान की राज्यपाल रही तथा 1962-85 के दौरान वह पांच बार महाराष्ट्र की विधानसभा सदस्य रही एवं 1991 में अमरावती से लोकसभा के लिए चुनी गई। श्रीमती प्रतिभा पाटिल सुखोई विमान उड़ाने वाली पहली महिला राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति चुनाव में इनके प्रतिद्वंद्वी भैरोसिंह शेखावत थे।
13. प्रणब मुखर्जी
कार्यकाल 25 जुलाई 2012 से  अब तक। श्री प्रणव मुखर्जी भारत के 13 वे राष्ट्रपति हैं। वह अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार पी. ए. संगमा को हराकर राष्ट्रपति बने। श्री मुखर्जी का जन्म पश्चिम बंगाल के वीरभूमी जिले के मिराती गांव में 11 दिसंबर 1935 को हुआ था। श्री मुखर्जी को 1997 सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार एवं 2008 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा असैनिक सम्मान पद्म विभूषण प्रदान किया गया था। श्री मुखर्जी ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है । राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से पहले वह केंद्र सरकार में वित्त मंत्री के पद पर थे।

राज्यों का गठन वर्ष

राज्यों का गठन(क्रमशः)

-आंध्र प्रदेश(1953)
-महाराष्ट्र(1960)
-गुजरात(1960)
-नागालैंड(1963)
-हरियाणा(1966)
-हिमाचल प्रदेश(1971)
-मेघालय(1972)
-मणिपुर(1972)
-त्रिपुरा(1972)
-सिक्किम(1975)
-गोआ(1987)                      
-अरुणाचल प्रदेश(1987)
-मिजोरम(1987)

कंप्युटर महत्वपुर्ण प्रश्न रेलवे एसएससी बैंकिंग (Computer important Question for Railway SSC Bainking)

1. सेविंग की प्रक्रिया है – मेमोरी से स्टोरेज माध्यम तक दस्तावेज कॉपी करना
2. डाइरेक्टरी के अंदर की डाइरेक्टरी को कहा जाता है – सब डाइरेक्टरी
3. C.A.D. का तात्पर्य है – कंप्यूटर एडेड डिजाइन
4. ओरेकल है – डाटाबेस सॉफ्टवेयर
5. असेम्बलर का कार्य है – असेम्बली भाषा को यंत्र भाषा में परिवर्तित करना
6. भारत में सर्वप्रथम दिखाई देने वाला कंप्यूटर वाइरस है – सी-ब्रेन
7. उस नेटवर्क टोपोलॉजी का क्या नाम है, जिसमें प्रत्येक संभावित नोड में द्विदिशीय कड़ियां हैं? – मेश
8. वह बिंदु जिस पर डाटा कंप्यूटर में प्रवेश करता है या निकलता है – टर्मिनल
9. विश्व का प्रथम कंप्यूटर नेटवर्क माना जाता है – ARPANET
10. लिनक्स एक उदाहरण है – ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का
11. पहले से चल रहे कंप्यूटर को रीस्टार्ट करना कहलाता है – रीबूटिंग
12. सॉफ्टवेयर कोड में त्रुटियां ढूंढ़ने की प्रक्रिया को कहा जाता है – डीबगिंग
13. सीपीयू का वह भाग जो अन्य सभी कंप्यूटर कंपोनेन्टस की गतिविधियों को कोआर्डिनेट करता है –कंट्रोल यूनिट
14. कंप्यूटर में जाने वाले डेटा को कहते हैं – इनपुट
15. कंप्यूटर में डेटा किसे कहा जाता है? – चिन्ह व संख्यात्मक सूचना को 
16. A.L.U. का पूरा नाम होता है – Arithmetic logic unit
17. कंप्यूटर का नियंत्रक भाग कहलाता है – सी. पी.यू.
18. कंप्यूटर के सभी भागों के बीच सामंजस्य स्थापित करता है – कंट्रोल यूनिट
19. माइक्रोप्रोसेसर जो कंप्यूटर का मस्तिष्क होता है, उसे कहा जाता है – माइक्रोचिप
20. ALU परिचालन संपन्न करता है – अर्थमैटिक
21. एक हार्डवेयर डिवाइस जो डाटा को अर्थपूर्ण इनफार्मेशन में परिवर्तित करता है – प्रोसेसर
22. CRAY क्या है? – सुपर कंप्यूटर
23. टेलीप्रोसेसिंग तथा टाइमशेयरिंग का प्रयोग किस पीढ़ी के कंप्यूटर में हुआ? – तृतीय पीढ़ी
24. वह उपकरण जो हैन्डहेल्ड ऑपरेटिंग प्रणाली का इस्तेमाल करता है? – पीडीए
25. कंप्यूटर कितने प्रकार के होते हैं? – दो प्रकार के
26. प्वाइंट एंड ड्रॉ डिवाइस कहा जाता है – माउस को
27. ट्रैक बाल उदाहरण है – पॉइंटिंग डिवाइस
28. सॉफ्ट कॉपी एक आउटपुट है, तो हार्ड कॉपी क्या है? – प्रिंटेड आउटपुट
29. सेकंडरी स्टोरेज मीडिया से हार्डडिस्क में सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों को कॉपी करने की प्रक्रिया को कहते हैं – इनस्टॉलेशन
30. किस मेमोरी में रखा डाटा बिजली जाते ही समाप्त हो जाता है? – रैम
31. डीवीडी उदाहरण है – ऑप्टिकल डिस्क
32. CD-RW का पूरा नाम है – Compact Disc rewritable
33. सूचनाएं एक यूनिट से दूसरी यूनिट तक ले जाने व उन्हें वापस लाने का काम कौन करता है? – डाटा बेस
34. कंप्यूटर में अनवरत विद्युत आपूर्ति का संक्षिप्त रूप क्या है? – यू. पी. एस.
35. मदरबोर्ड में क्या रहता है जो मदरबोर्ड पर सीपीयू को दूसरे पुर्जों से जोड़ता है? – सिस्टम बस
36. प्रथम गणना यंत्र है – अबैकस
37. विंडोज डम् में, डम् से क्या शब्द बनता है? – Millennium 
38. मॉड्यूलेटर-डी-मॉड्यूलेटर का सामान्य नाम है – मोडेम
39. पहले से ऑन कंप्यूटर को रीस्टार्ट करने को क्या कहते हैं? – वार्म बूटिंग
40. HTML डॉक्युमेंट बनाने के लिए किसकी जरूरत होती है? – टैक्स्ट एडीटर की
41. कंप्यूटर से अधिकाश प्रोसेसिंग होती है – सीपीयू में
42. वेबसाइट कलेक्शन है – वेब पेजेस का
43. किस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को ट्रांसलेटर की जरूरत नहीं होती है? – मशीन लैंग्वेज
44. एक्सेल स्प्रेडशीट का एक्स्टेंशन है – .xls
45. फाइल एक्सटेंशन किसलिए इस्तेमाल होते हैं? – फाइल टाइप को आइडेंटिफाई करने के  लिए
46. एक्सेल वर्कबुक संग्रह है – वर्कशीट का
47. ई-मेल पते के दो भाग कौन-से होते हैं? – प्रयोक्ता का नाम और डोमेन नंबर
48. कैड शब्द का संबंध कंप्यूटर में किससे हैं? – डिजाइन से
49. भारत में निर्मित प्रथम कंप्यूटर का नाम क्या है? –सिद्धार्थ
50. कंप्यूटर प्रोग्रामों को हाई-लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के रूप में लिखा जाता है। मानव द्वारा पढ़े जाने योग्य प्रोग्राम के अनुवाद को कहा जाता है – सोर्स कोड

IAS TOPPER 2015 - 2016 आइएएस टॉपर

दिल्ली यूनिवर्सीटी की 22 साल की टीना डाबी ने पहले प्रयास में ही भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC-2015 (I.A.S.)में किया टॉप.
आप भी दें बधाई. !!!

सिविल सेवा परीक्षा यूपीएससी का रिजल्‍ट घोषित हो गया है। दिल्‍ली की छात्रा टीना डाबी इस बार टॉपर बनी हैं, वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर के अतहर आमिर उल शफी खान दूसरे नंबर पर हैं।

दिल्ली के ही जसमीत सिंह संधू ने तीसरा स्थान हासिल किया है। वह फिलहाल भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं। अपने पहले ही प्रयास में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली 22 साल की टीना ने लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक किया है। उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर यह मेरे के लिए गर्व का क्षण है।'

दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले से ताल्लुक रखने वाले 23-वर्षीय अतहर का लोकसेवा परीक्षा में यह दूसरा प्रयास है। साल 2014 के अपने पहले प्रयास में उन्होंने भारतीय रेल यातायात सेवा (आईआरटीएस) हासिल किया था और फिलहाल लखनऊ में भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

अतहर ने कहा, 'मेरा सपना साकार हो गया। मैं लोगों की बेहतरी के लिए काम करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ूंगा।' उन्होंने कहा, 'मैंने जम्मू-कश्मीर कैडर का चुनाव भी किया है। मुझे वहां काम करने का मौका मिला, तो खुशी होगी। मुझे लगता है कि मेरे राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की बहुत गुंजाइश है।'

बनारस की अर्तिका शुक्‍ला को चौथा स्‍थान हासिल हुआ है वहीं कानपुर के शशांक त्रिपाठी ने पांचवां स्‍थान हासिल किया है। आशीष तिवारी को छठा स्थान हासिल हुआ है, जबकि रैंकिंग में सातवें स्थान पर श्रयन्या अरि हैं। कुंभेजकर योगेश विजय को आठवीं पोजिशन मिला है। कर्ण सत्यार्थी नौवें और अनुपम शुक्ला 10वें स्थान पर हैं।

संघ लोकसेवा परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाले जसमीत के पिता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में काम करते हैं। उन्होंने अपनी कामयाबी के लिए अपने माता-पिता और शिक्षकों का आभार प्रकट किया है। वह साल 2014 में भी लोक सेवा परीक्षा में सफल हुए थे और भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुने गए थे। फिलहाल वह फरीदाबाद स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क एवं नारकोटिक्स आकदमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह उनका चौथा प्रयास था।

कुल 1078 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया है। इनमें सामान्य वर्ग (जनरल) से 499, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से 314, अनुसूचित जाति (एससी) से 176 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) कोटे से 89 प्रत्याशी सफल हुए हैं।

भारत में मानसून

                भारत में मानसून

भारत में मानसून का बड़ा बेसब्री से इन्तजार होता है , भारतीय कृषि को मानसून का जुआ कहते है . तो आइये हम मानसून के बारे में जानते है ,कि ये कब ,कैसे और कहाँ से आता है.

संवहनीय वर्षा की उत्पत्ति

मानसून अरबी भाषा का शब्द है, जो कि मौसिम शब्द से उत्पन्न हुआ है , जिसका अर्थ होता है -हवाएं मानसून शब्द हिप्पोलस ने दिया था . भारत में जिन सागरीय पवनों के माध्यम से वर्षा  होती है , उन्हें मानसूनी पवने कहते है . भारत में दो तरह का मानसून आता है -
1 . - ग्रीष्म कालीन /दक्षिण पश्चिमी  मानसून  (जून से मध्य अक्तूबर तक  )
2 .- शीत कालीन / उत्तर पूर्वी मानसून (नवम्बर से जनवरी तक )


मानसून की उत्पत्ति   :-
मानसून की उत्पत्ति के कई सिद्धांत प्रचलित है -
i- तापीय सिद्धांत
ii- ITCZ सिद्धांत (विषुवतीय पछुआ पवन की संकल्पना )
iii- जेट धारा सिद्धांत 
iv- अलनीनो एवं ला नीनो सिद्धांत
v- हेडली चक्र एवं वाटर चक्र सिद्धांत
vi- दक्षिण ध्रुवीय / उत्तर ध्रुवीय प्रभाव
vii- सोमाली प्रभाव 

Note:-
1.  ITCZ सिद्धांत के अनुसार  दक्षिण -पश्चिमी मानसून विषुवतीय पछुआ पवन के भारत में प्रवेश करने से उत्पन्न होती  है .
2.  सोमालिया तट पर उत्पन्न होने वाली सोमाली ठंडी धारा के कारण अरब सागर के उच्च वायुदाब में वृद्धि होती है , जो दक्षिण -पश्चिम मानसून को मजबूत करती है .                   

अर्थव्यवस्था: एक परिचय

अर्थव्यवस्था: एक परिचय

किसी भी देश के लिए बजट वहां की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग होता है. यह बजट  भारत की अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति रहने वाली है. आजादी के बाद से ही भारत में बजट को लेकर काफी उत्सुकता रही है. आपकी इसी उत्सुकता को शांत करने के लिए आइए जानते हैं बजट के बारे में कुछ रोचक तथ्य.

1. स्वतन्त्र भारत का पहला अंतरिम बजट 26 नवंबर, 1947 को आर.के. षण्मुखम शेट्टी ने प्रस्तुत किया गया था.
2. जवाहरलाल नेहरू देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने बजट को संसद में प्रस्तुत किया.
3. मोराजी देसाई 8 वर्ष के सर्वाधिक लम्बे समय के लिए वित्त मन्त्री रहे और उन्होंने संसद में सर्वाधिक 10 बार बजट प्रस्तुत किया. मोराजी देसाई जवाहर लाल नेहरु के कार्यकाल में 5 साल जबकि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 3 साल देश के वित्त मंत्री रहे.
4. वर्ष 1964 और 1968 में वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने आम बजट अपने जन्म दिन के अवसर पर प्रस्तुत किया था.
5. सी.डी. देशमुख रिजर्व बैंक के एकमात्र ऐसे गवर्नर हैं जिन्होंने सन् 1951-52 में अन्तरिम बजट प्रस्तुत किया था.
6. सन् 1991-92 में अन्तरिम तथा फाइनल बजट को अलग-अलग दलों के वित्त मन्त्रियों ने संसद में रखा. अंतरिम बजट यशवन्त सिन्हा जबकि फाइनल बजट को मनमोहन सिंह ने प्रस्तुत किया.
7. बजट को सार्वजनिक करने से इसे बेहद ही गुप्त रखा जाता है. पहले बजट पेपर्स राष्ट्रपति भवन में ही छपा करते थे. सन् 1950 में बजट पेपर लीक हो गए जिसके कारण बाद में बजट पेपर्स को मिंटो रोड स्थित सीक्योरिटी प्रेस में छापा जाने लगा. 1980 से बजट पेपर नॉर्थ ब्लॉक से प्रिंट होने लगा.
8. संसद में बजट प्रस्तुत करने वाली एकमात्र महिला इन्दिरा गांधी हैं, जिन्होंने 1970 में आपातकाल के दौरान संसद में बजट पेश किया था.
9. 1987-88 में वी.पी. सिंह द्वारा सरकार से अलग हट जाने के बाद राजीव गांधी देश के तीसरे ऐसे प्रधानमंत्री बने जिन्होंने अपनी मां इंदिरा गांधी और नाना जवाहरलाल नेहरू के बाद बजट को प्रस्तुत किया.
10. 1996 में चुनाव के बाद, एक गैर-कांग्रेसी मंत्रालय ने पद ग्रहण किया. इसलिए 1996-97 के अंतरिम बजट को पी. चिदम्बरम द्वारा प्रस्तुत किया गया जो उस समय तमिल मानिला कांग्रेस से संबंधित थे. यह दूसरी बार था जब अंतरिम और फाइनल बजट अलग-अलग पार्टियों के दो मंत्रियों द्वारा प्रस्तुत किया गया.
11. एक संवैधानिक संकट के बाद जब आई. के. गुजराल का मंत्रालय समाप्त हो रहा था तब चिदंबरम के 1997-98 बजट को पारित करने के लिए संसद की एक विशेष सत्र बुलाई गई थी. इस बजट को बिना बहस के ही पारित किया गया था.
12. स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात से सन् 1998-1999 तक बजट शाम को पांच बजे ही प्रस्तुत किया जाता रहा लेकिन सन् 1999-2000 में यशवंत सिन्हा ने पहली बार शाम की बजाय सुबह के समय बजट प्रस्तुत किया।

दुनिया के महत्वपुर्ण व्यक्ति/ पुरुष important man of world Gk

खास व्यक्ति
स्वामी विवेकानंद (1863-1902 ई.)- रामकृष्ण परमहंस के शिष्य जिन्होंने वेदांत दर्शन से विश्व को परिचित कराया। 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन के दौरान उनके दिए गए भाषण से विश्व भारतीय संस्कृति की महानता से परिचित हुआ। उन्होंने समाजसेवा के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
सरोजनी नायडू (1879-1949 ई.)-  इन्हें 'नाइटेंगेल ऑफ इंडियाÓ भी कहा जाता है। वे अंग्रेजी की प्रख्यात कवियत्री थीं। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 1925 में काँग्रेस की अध्यक्ष बनीं। वे उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला गवर्नर थीं।
शाहजहाँ (1592-1666 ई.)- मुगल सम्राट जिनकी ख्याति कला, स्थापत्य और साहित्य के प्रेमी के रूप में है। शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण कराया।
शेक्सपियर, विलियम (1564-1616 ई.)- अंग्रेजी के महानतम कवि एवं नाटककार। उन्होंने 37 नाटक लिखे जिसमें हास्य, ऐतिहासिक, त्रासदी और त्रासद- हास्य नाटक शामिल हैं। प्रमुख नाटक- 'हेमलेटÓ, 'मैकबेथÓ, 'ओथेलोÓ, 'किंग लियरÓ, 'रोमियो एंड जूलियटÓ, 'ए मिडसमर नाइट्स ड्रीमÓ, 'द टेम्पेस्टÓ, 'हेनरी-5Ó और 'जूलियस सीज़रÓ।
सर आइजक न्यूटन (1642-1727 ई.)- अंग्रेज वैज्ञानिक जिन्हें आधुनिक भौतिकी का जनक माना जाता हैै। गति व गुरुत्वाकर्षण के नियमों के प्रतिपादन का श्रेय। प्रसिद्ध कृति 'प्रिंसिपियाÓ के लेखक।
शेरशाह सूरी (1472-1545 ई.)- उसने 1540-45 ई. के मध्य शासन किया। वह प्रथम मुस्लिम शासक था जिसने प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया। उसके शासनकाल में ही ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माण हुआ।
शिवाजी (1627-1680 ई.)- गुरिल्ला युद्ध में माहिर शिवाजी ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लम्बी लड़ाई लड़कर मराठा साम्राज्य की नींव रखी।
स्मिथ, एडम (1723-1790 ई.)- स्कॉटिश अर्थशास्त्री जिन्हें अर्थशास्त्र का जनक कहा जाता है। प्रसिद्ध कृति- 'वेल्थ ऑफ नेशंसÓ।
तानसेन (लगभग 1492-1589 ई.)- भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान प्रतिनिधि। वे अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।
टोडरमल (1556-1605 ई.)- अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक और राजस्व मंत्री।
तुलसीदास (1552-1630 ई.)- महान हिंदी कवि, संत जिन्हें उनकी रचना 'रामचरितमानस' के लिए जाना जाता है। रामचरितमानस आज भी करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केद्र बिंदु है।
वाल्मीकि- प्राचीन भारत के महान संस्कृत कवि व ऋषि जिन्होंने रामायण की रचना की।
वास्को-डि-गामा (1460-1524 ई.)- पुर्तगाली नौचालक जिसने भारत के लिए समुद्री रास्ते की खोज की (1498 ई.)।
अमेरिगो वेसपुसी (1451-1512 ई.)- भौगोलिक खोजकर्ता जिन्होंने दक्षिणी अमेरिकी तट की खोज की; इन्हीं के नाम पर अमेरिका का नामकरण किया गया।
विक्टोरिया (1819-1901 ई.)- 1837 ई. से ब्रिटेन की महारानी। 1876 से भारत की महारानी। ब्रिटिश राजतंत्र की छवि को शीर्ष तक पहुँचाया।

भारतीय संविधान और संवैधानिक प्रावधान, संघ की भाषा, प्रादेशिक भाषाएं उच्च न्यायालय ( Indian Constituition hindi)

संवैधानिक प्रावधान
भारत के संविधान में राजभाषा से संबंधित भाग-17
अध्याय 1--संघ की भाषा
अनुच्छेद 120. संसद् में प्रयोग की जाने वाली भाषा - (1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद् में कार्य हिंदी में या अंग्रेजी में किया जाएगा
परंतु, यथास्थिति, राज्य सभा का सभापति या लोक सभा का अध्यक्ष अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो हिंदी में या अंग्रेजी में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृ-भाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा ।
(2) जब तक संसद् विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात्‌ यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो   “या अंग्रेजी में”  शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो ।
अनुच्छेद 210: विधान-मंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा - (1) भाग 17 में किसी बात के होते हुए भी, किंतु अनुच्छेद 348 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राज्य के विधान-मंडल में कार्य राज्य की राजभाषा या राजभाषाओं में या हिंदी  में या अंग्रेजी में किया जाएगा
परंतु, यथास्थिति, विधान सभा का अध्यक्ष या विधान परिषद् का सभापति अथवा उस रूप में कार्य करने वाला व्यक्ति किसी सदस्य को, जो पूर्वोक्त भाषाओं में से किसी भाषा में अपनी पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं कर सकता है, अपनी मातृभाषा में सदन को संबोधित करने की अनुज्ञा दे सकेगा ।
(2)  जब तक राज्य का विधान-मंडल विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे तब तक इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात्‌ यह अनुच्छेद ऐसे प्रभावी होगा मानो  “ या अंग्रेजी में ”  शब्दों का उसमें से लोप कर दिया गया हो :
परंतु हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों के विधान-मंडलों के संबंध में, यह खंड इस प्रकार प्रभावी होगा मानो इसमें आने वाले “पंद्रह वर्ष” शब्दों के स्थान पर  “पच्चीस वर्ष”  शब्द रख दिए गए हों :
परंतु यह और कि  अरूणाचल प्रदेश, गोवा और मिजोरम राज्यों के विधान-मंडलों के संबंध में यह खंड इस प्रकार प्रभावी होगा मानो इसमें आने वाले “ पंद्रह वर्ष ” शब्दों के स्थान पर “ चालीस  वर्ष ” शब्द रख दिए गए हों ।
अनुच्छेद 343. संघ की राजभाषा--
(1) संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।
(2) खंड (1) में किसी बात के होते हुए भी, इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि तक संघ के उन सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता रहेगा जिनके लिए उसका ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले प्रयोग किया जा रहा था :
परन्तु राष्ट्रपति उक्त अवधि के दौरान, आदेश द्वारा, संघ के शासकीय प्रयोजनों में से किसी के लिए अंग्रेजी भाषा के अतिरिक्त हिंदी भाषा का और भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप के अतिरिक्त देवनागरी रूप का प्रयोग प्राधिकृत कर सकेगा।
(3) इस अनुच्छेद में किसी बात के होते हुए भी, संसद् उक्त पन्द्रह वर्ष की अवधि के पश्चात्‌, विधि द्वारा
(क) अंग्रेजी भाषा का, या
(ख) अंकों के देवनागरी रूप का,
ऐसे प्रयोजनों के लिए प्रयोग उपबंधित कर सकेगी जो ऐसी विधि में विनिर्दिष्ट किए जाएं।
अनुच्छेद 344. राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति--
(1) राष्ट्रपति, इस संविधान के प्रारंभ से पांच वर्ष की समाप्ति पर और तत्पश्चात्‌ ऐसे प्रारंभ से दस वर्ष की समाप्ति पर, आदेश द्वारा, एक आयोग गठित करेगा जो एक अध्यक्ष और आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट विभिन्न भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे अन्य सदस्यों से मिलकर बनेगा जिनको राष्ट्रपति नियुक्त करे और आदेश में आयोग द्वारा अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया परिनिश्चित की जाएगी।
(2) आयोग का यह कर्तव्य होगा कि वह राष्ट्रपति को--
(क) संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए हिंदी भाषा के अधिकाधिक प्रयोग,
(ख) संघ के सभी या किन्हीं शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा के प्रयोग पर निर्बंधनों,
(ग) अनुच्छेद 348 में उल्लिखित सभी या किन्हीं प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा,
(घ) संघ के किसी एक या अधिक विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने वाले अंकों के रूप,
(ड़) संघ की राजभाषा तथा संघ और किसी राज्य के बीच या एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच पत्रादि की भाषा और उनके प्रयोग के संबंध में राष्ट्रपति द्वारा आयोग को निर्देशित किए गए किसी अन्य विषय, के बारे में सिफारिश करे।
(3) खंड (2) के अधीन अपनी सिफारिशें करने में, आयोग भारत की औद्योगिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक उन्नति का और लोक सेवाओं के संबंध में अहिंदी भाषी क्षेत्रों के व्यक्तियों के न्यायसंगत दावों और हितों का सम्यक ध्यान रखेगा।
(4) एक समिति गठित की जाएगी जो तीस सदस्यों से मिलकर बनेगी जिनमें से बीस लोक सभा के सदस्य होंगे और दस राज्य सभा के सदस्य होंगे जो क्रमशः लोक सभा के सदस्यों और राज्य सभा के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा निर्वाचित होंगे।
(5) समिति का यह कर्तव्य होगा कि वह खंड (1)के अधीन गठित आयोग की सिफारिशों की परीक्षा करे और राष्ट्रपति को उन पर अपनी राय के बारे में प्रतिवेदन दे।
(6) अनुच्छेद 343 में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रपति खंड (5) में निर्दिष्ट प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात्‌ उस संपूर्ण प्रतिवेदन के या उसके किसी भाग के अनुसार निदेश दे सकेगा।
अध्याय 2- प्रादेशिक भाषाएं
अनुच्छेद 345. राज्य की राजभाषा या राजभाषाएं--
अनुच्छेद 346 और अनुच्छेद 347 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, उस राज्य में प्रयोग होने वाली भाषाओं में से किसी एक या अधिक भाषाओं को या हिंदी को उस राज्य के सभी या किन्हीं शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा या भाषाओं के रूप में अंगीकार कर सकेगाः
परंतु जब तक राज्य का विधान-मंडल, विधि द्वारा, अन्यथा उपबंध न करे तब तक राज्य के भीतर उन शासकीय प्रयोजनों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया जाता रहेगा जिनके लिए उसका इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले प्रयोग किया जा रहा था।
अनुच्छेद 346. एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच या किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा--
संघ में शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने के लिए तत्समय प्राधिकृत भाषा, एक राज्य और दूसरे राज्य के बीच तथा किसी राज्य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा होगी :
परंतु यदि दो या अधिक राज्य यह करार करते हैं कि उन राज्यों के बीच पत्रादि की राजभाषा हिंदी भाषा होगी तो ऐसे पत्रादि के लिए उस भाषा का प्रयोग किया जा सकेगा।
अनुच्छेद 347. किसी राज्य की जनसंख्या के किसी अनुभाग द्वारा बोली जाने वाली भाषा के संबंध में विशेष उपबंध--
यदि इस निमित्त मांग किए जाने पर राष्ट्रपति का यह समाधान हो जाता है कि किसी राज्य की जनसंख्या का पर्याप्त भाग यह चाहता है कि उसके द्वारा बोली जाने वाली भाषा को राज्य द्वारा मान्यता दी जाए तो वह निदेश दे सकेगा कि ऐसी भाषा को भी उस राज्य में सर्वत्र या उसके किसी भाग में ऐसे प्रयोजन के लिए, जो वह विनिर्दिष्ट करे, शासकीय मान्यता दी जाए।
अध्याय 3 - उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों आदि की भाषा
अनुच्छेद 348. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में और अधिनियमों, विधेयकों आदि के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा--
(1) इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, जब तक संसद् विधि द्वारा अन्यथा
उपबंध न करे तब तक--
(क) उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाहियां अंग्रेजी भाषा में होंगी,
(ख) (i) संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन में पुरःस्थापित किए जाने वाले सभी विधेयकों या प्रस्तावित किए जाने वाले उनके संशोधनों के,
(ii) संसद या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा पारित सभी अधिनियमों के और राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित सभी अध्यादेशों के ,और
(iii) इस संविधान के अधीन अथवा संसद या किसी राज्य के विधान-मंडल द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन निकाले गए या बनाए गए सभी आदेशों, नियमों, विनियमों और उपविधियों के, प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में होंगे।
(2) खंड(1) के उपखंड (क) में किसी बात के होते हुए भी, किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों में, जिसका मुख्य स्थान उस राज्य में है, हिन्दी भाषा का या उस राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाली किसी अन्य भाषा का प्रयोग प्राधिकृत कर सकेगाः
परंतु इस खंड की कोई बात ऐसे उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए किसी निर्णय, डिक्री या आदेश को लागू नहीं होगी।
(3) खंड (1) के उपखंड (ख) में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी राज्य के विधान-मंडल ने,उस विधान-मंडल में पुरःस्थापित विधेयकों या उसके द्वारा पारित अधिनियमों में अथवा उस राज्य के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेशों में अथवा उस उपखंड के पैरा (iv‌) में निर्दिष्ट किसी आदेश, नियम, विनियम या उपविधि में प्रयोग के लिए अंग्रेजी भाषा से भिन्न कोई भाषा विहित की है वहां उस राज्य के राजपत्र में उस राज्य के राज्यपाल के प्राधिकार से प्रकाशित अंग्रेजी भाषा में उसका अनुवाद इस अनुच्छेद के अधीन उसका अंग्रेजी भाषा में प्राधिकृत पाठ समझा जाएगा।
अनुच्छेद 349. भाषा से संबंधित कुछ विधियां अधिनियमित करने के लिए विशेष प्रक्रिया--
इस संविधान के प्रारंभ से पंद्रह वर्ष की अवधि के दौरान, अनुच्छेद 348 के खंड (1) में उल्लिखित किसी प्रयोजन के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा के लिए उपबंध करने वाला कोई विधेयक या संशोधन संसद के किसी सदन में राष्ट्रपति की पूर्व मंजूरी के बिना पुरःस्थापित या प्रस्तावित नहीं किया जाएगा और राष्ट्रपति किसी ऐसे विधेयक को पुरःस्थापित या किसी ऐसे संशोधन को प्रस्तावित किए जाने की मंजूरी अनुच्छेद 344 के खंड (1) के अधीन गठित आयोग की सिफारिशों पर और उस अनुच्छेद के खंड (4) के अधीन गठित समिति के प्रतिवेदन पर विचार करने के पश्चात्‌ ही देगा, अन्यथा नहीं।
अध्याय 4-- विशेष निदेश
अनुच्छेद 350. व्यथा के निवारण के लिए अभ्यावेदन में प्रयोग की जाने वाली भाषा--
प्रत्येक व्यक्ति किसी व्यथा के निवारण के लिए संघ या राज्य के किसी अधिकारी या प्राधिकारी को, यथास्थिति, संघ में या राज्य में प्रयोग होने वाली किसी भाषा में अभ्यावेदन देने का हकदार होगा।
अनुच्छेद 350 क. प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाएं--
प्रत्येक राज्य और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के बालकों को शिक्षा के प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा और राष्ट्रपति किसी राज्य को ऐसे निदेश दे सकेगा जो वह ऐसी सुविधाओं का उपबंध सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक या उचित समझता है।
अनुच्छेद 350 ख. भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए विशेष अधिकारी--
(1) भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए एक विशेष अधिकारी होगा जिसे राष्ट्रपति नियुक्त करेगा।
(2) विशेष अधिकारी का यह कर्तव्य होगा कि वह इस संविधान के अधीन भाषाई अल्पसंख्यक-वर्गों के लिए उपबंधित रक्षोपायों से संबंधित सभी विषयों का अन्वेषण करे और उन विषयों के संबंध में ऐसे अंतरालों पर जो राष्ट्रपति निर्दिष्ट करे,
राष्ट्रपति को प्रतिवेदन दे और राष्ट्रपति ऐसे सभी प्रतिवेदनों को संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएगा और संबंधित राज्यों की सरकारों को भिजवाएगा।
अनुच्छेद 351. हिंदी भाषा के विकास के लिए निदेश--
संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे जिससे वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके और उसकी प्रकृति में हस्तक्षेप किए बिना हिंदुस्थानी में और आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट भारत की अन्य भाषाओं में प्रयुक्त रूप, शैली और पदों को आत्मसात करते हुए और जहां आवश्यक या वांछनीय हो वहां उसके शब्द-भंडार के लिए मुख्यतः संस्कृत से और गौणतः अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण करते हुए उसकी समृद्धि सुनिश्चित करे।

मंगलवार, 26 अप्रैल 2016

Current Affair Hindi (23 April 2016) सामाचार शारांश

आर के पचौरी ने टेरी की संचालन परिषद की सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया 
आर के पचौरी 25 वर्ष से भी अधिक समय तक टेरी गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रहे. वे आईपीसीसी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, आईपीसीसी को वर्ष 2007 में नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

शी जिनपिंग ने चीन की सेना के कमांडर-इन-चीफ का पदभार संभाला 
जिनपिंग पहले से ही सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रमुख का पद संभाल रहे हैं.

पाकिस्तान एवं चीन ने सीपीईसी की निगरानी हेतु विशेष उपग्रह छोड़े जाने पर समझौता किया 
चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर (सीपीईसी) 46 बिलियन अमेरिकी डॉलर की एक परियोजना है जिससे पश्चिमी चीन एवं दक्षिणी पाकिस्तान में संपर्क स्थापित किया जा सकेगा.

अमेरिका में पहली बार डॉलर पर किसी एफ्रो-अमेरिकन महिला हेरिएट टबमेन की तस्वीर लगेगी 
इसके अलावा 10 डॉलर के नोट के पहले हिस्से पर ऐलेक्जैंडर की तस्वीर कायम रहेगी, लेकिन 10 डॉलर के नोट की पृष्ठभूमि में महिलाओं के मताधिकार आंदोलनों के नायकों की कहानी होगी.

क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण निधि विधेयक (कैम्पा), 2015 में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी 
इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद कैम्पा फंड में 40,000 करोड़ रुपये धनराशि के पारदर्शी और प्रभावी ढंग से खर्च होने का रास्ता साफ हो जाएगा.

वाणिज्य मंत्रालय ने ट्विटर सेवा शुरू की 
इनमें अप्रैल 2016 से मार्च 2019 के बीच बनने वाली स्टार्ट-अप कंपनियों को पहले तीन साल तक कर मे सौ प्रतिशत छूट देना शामिल है.

प्रसिद्ध संगीतकार प्रिंस रॉजर्स नेल्सन का निधन 
प्रिंस रॉजर्स नेल्सन को उनके प्रसिद्ध गीत पर्पल रेन के लिए ऑस्कर भी मिला, इस फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया था. उन्होंने सात ग्रेमी अवार्ड्स एवं 30 नोमिनेशन जीते.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10वें सिविल सेवा दिवस का उद्घाटन किया 
सिविल सेवा दिवस पर प्रधानमंत्री ने उन प्रशासनिक अधिकारियों को पुरस्कृत किया जिन्होंने भारत सरकार द्वारा चलाये गये प्राथमिक कार्यक्रमों,प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छ विद्यालय एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, को लागू करने में अहम योगदान दिया.

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2016 जारी 
इंडेक्स में फिनलैंड लगातार छठे वर्ष पहला स्थान बनाए रखने में सफल रहा. इसके बाद नीदरलैंड्स और नॉर्वे का स्थान रहा.

यूरोप मलेरिया उन्मूलन करने वाला विश्व का पहला क्षेत्र बना: डब्ल्यूएचओ 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यूरोपीय क्षेत्र में 2015 में पहली बार इसी क्षेत्र से कोई मामला दर्ज नहीं किया गया. यह ताशकंद घोषणा के तहत वर्ष 2015 तक इस क्षेत्र से मलेरिया समाप्त करने के लक्ष्य का सफल उदाहरण है.

22 अप्रैल को पूरे विश्व में पृथ्वी दिवस मनाया गया 
वर्ष 2016 के पृथ्वी दिवस का थीम वाक्य ‘ट्री फॉर द अर्थ’ (Trees for the Earth) है.

Current Affair Hindi (22 April 2016) सामाचार शारांश

हांगकांग के इरफान अहमद भ्रष्टाचार निरोधक कोड का उल्लंघन करने पर ढाई वर्ष के लिए निलंबित 
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने इरफान अहमद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के समय उन्होंने सट्टेबाजों के बारे में तमाम जानकारियां छिपाई थीं.

राहुल जोहरी बीसीसीआई के सीईओ नियुक्त 
बीसीसीआई से पहले राहुल जोहरी डिस्कवरी नेटवर्क एशिया पसिफ़िक के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे. वे 1 जून 2016 से यह पद संभालेंगे.

आरबीएल स्टार्टअप्स को समर्पित शाखा खोलने वाला भारत का पहला प्राइवेट सेक्टर बैंक बना 
आरबीएल बैंक वर्तमान में लगभग 1 लाख ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है तथा 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार कर रहा है. यह भारत के सबसे पुराने बैंकों में से एक है.

चीनी प्रोफेसर जीई फुपिंग हिंदी को बढ़ावा देने के लिए जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार से सम्मानित 
उनके अलावा, अलका दुन्पुथ (मॉरीशस) और शिचिरो सोमा (जापान) को भी राष्ट्रपति द्वारा जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

न्यायमूर्ति पी के मिश्रा गोवा के लोकायुक्त नियुक्त 
पी के मिश्रा हाल ही में गोवा राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. गोवा में अहम पद प्राप्त करने से पहले वे पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद से सेवानिवृत हुए.

भारत और भूटान के बीच क्षमता निर्माण एवं तकनीकी सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और भूटान के बीच क्षमता निर्माण, बैंचमार्किंग और बुनियादी ढांचा इंजीनियरिंग में द्विपक्षीय आदान-प्रदान के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर करने को अपनी मंजूरी दी.

करतार लालवानी द्वारा लिखित द मेकिंग ऑफ़ इंडिया: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ ब्रिटिश एंटरप्राइज 
करतार लालवानी द्वारा रचित पुस्तक ‘द मेकिंग आफ इंडिया: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ ब्रिटिश इंटरप्राइज में ब्रिटिश राज के दौरान भारत में पनपी एकता के बारे में लिखा गया है.

केंद्र सरकार ने विनिवेश विभाग का नाम बदल कर ‘दीपम’ रखा 
दीपम केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन काम करेगा और केंद्र सरकार की इक्विटी में निवेश सहित सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों के विनिवेश से सम्बंधित मामलो को देखेगा.

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में लागू राष्ट्रपति शासन को रद्द किया 
उत्तराखंड में 27 मार्च 2016 को केंद्र सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया था.

इंग्लैंड के खिलाडी स्टीव डेविस ने स्नूकर से संन्यास की घोषणा की 
वे 1983 से 1990 तक विश्व के नंबर एक खिलाड़ी बने रहे और लगातार सात सत्रों के लिए विश्व के नंबर एक खिलाडी बने रहे.

भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब सरकार के लिए 17,523 करोड़ रुपये की नकद उधारी सीमा जारी की 
बैंकों ने रिज़र्व बैंक के निर्देश पर मौजूदा पंजाब सरकार को गेहूं खरीदने के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपये एडवांस देने से मना कर दिया था. रिज़र्व बैंक ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि पंजाब के गोदामों से 12 हज़ार करोड़ रुपये के अनाज का हिसाब नहीं मिल रहा.

सोमवार, 25 अप्रैल 2016

What is IAS? IAS क्या है?

The Indian Administrative Service(abbreviated as IAS) (भारतीय प्रशासनिक सेवा) is the premier administrative civil service of the Government of India. IAS officers hold key and strategic positions in the Union Government, States and public-sector under takings. Like in various countries (example UK) following Parliamentary system, IAS as the permanent bureaucracy in  India forms an inseparable part of the executive branch of the Government of India thus providing continuity and neutrality to the administration. Unlike Candidates selected to other civil services, a person once appointed to Indian Administrative Service or Indian Foreign Service (IFS) becomes ineligible to reappear in Civil Services Examinationconducted by Union Public Service Commission because there are no higher civil services other than aforementioned two services under Government of India.
Along with the Police Service and Forest Service, the IAS is one of the three All India Services — its cadre can be employed by both the Union Government and the individual States. Upon confirming to service after probation as Sub-Divisional Magistrate, an IAS officer is given administrative command of entire district as District collector. On attaining the upper levels of Super Time Scale to Apex Scale, they can go on to head whole departments and subsequently entire Ministries of Government of India and States. IAS officers represent Government of India at the international level in bilateral and multilateral negotiations. On deputations they work at Intergovernmental organizations like World Bank and United Nations or its Agencies. IAS officers at various levels of administration play vital roles in conducting free, fair and smooth elections in India under the direction of Election Commission of India and states.The Indian Administrative Service (IAS) trainees officers will be awarded an MA degree in Public Management.